ए भइया, ब्लॉग लिखे लS कि ना... Blogging Tips in Bhojpuri Language, Bhojpuri Bhasha Articles, Mithilesh



ब्लॉगिंग शब्द से केहू अपरिचित नइखे आजु, कांहें कि इंटरनेट के जुग-ज़माना में आपन पहिचान के ई ईगो 'बरियार अउरी सर्वव्यापी' आधार बा. ए विषय पर लेख एइसे लिखे के मन भईल ह, कान्हें कि कई मित्र-लोगन ब्लॉग बनवलहु बाड़न (Blogging Tips in Bhojpuri Language) तो वोके हल्का मान के रोज अपडेट नइखन करत, त कई जाना लो 'टेक्नोलॉजी' के फेर में उलझल बाड़न. कई मित्रगण त कहीं सुन-सुना के 'कमाई खाती' ब्लॉग त बना लेले हउवन, लेकिन जल्दबाजी में ओकर रास्ता भुला गईल बाड़न. एही कुल मुद्दा पर तनी मनी जेवन जानत बानी, उ लिखे के प्रयत्न करत बानी, गलती सही माफ़ क दिहा भाई लो...
ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर 'कन्फ्यूजन': वईसे त सैकड़ों प्लेटफॉर्म बाड़न, लेकिन सबसे ढेर चले वाला एगो 'ब्लॉगर.कॉम' अउरी दोसरका 'वर्डप्रेस.कॉम' बा, जेपर फिरी के ब्लॉग बन जाई. हालाँकि, हेईजा हम रउवाँ सबन के ब्लॉगर चुने के सलाह देब, कांहे से कि वर्डप्रेस.कॉम वाला फ्री ब्लॉग आपके 'गूगल ऐडसेंस' विज्ञापन चलावे के इजाजत ना दी, जबकि ब्लॉग से आपके दू पैसा मिली त, कवनो 'खट' त लागी ना! हालाँकि, वर्डप्रेस के ही 'सेल्फ-होस्टेड' ब्लॉगिंग वर्जन आवेला, जवन पूरा संसार भर में सबसे बढ़िया कहाला, पर ओमे 'होस्टिंग से लेकर बैकअप' अउरी कई गो दोसर लफड़ा बा, त खर्चो करे के परी. सेल्फ-होस्टेड वर्डप्रेस ओकरा खाती ठीक बा, जे खुद टेक्नीकल बा ना त कवनो हमनी जइसन कंसल्टेंट के हायर कइले बा. एही से शुरू में त आप ब्लॉगर.कॉम पर ब्लॉग बनाईं और दू साल एपर मन से काम कइला के बाद खुदे बुझि जाइब कि एमें केतना 'रस अउरी माजा' बा, त बाद में 'सेल्फ-होस्टेड वर्डप्रेस' पर जाहीं के परी!
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ब्लॉग के सफलता, यूनिक-कंटेंट, सर्च इंजिन अउरी ट्रैफिक: ब्लॉग त बन गईल, लेकिन ई सफल कैसे होइ अउरी एपर ट्रैफिक (ढेर लोग, देखे खाती) केतरे आई, इ सबसे बरियार चिंता वाला मुद्दा हो जाला! पर सच्चाई से कहल जाउ त, एही चिंता में सफलता के 'रस' रहेला, जेके बुझे के जरूरत बा. एमें सबसे महत्वपूर्ण बात बा 'यूनिक-कंटेंट' के, माने आप चाहे ब्लॉग बनाईं (Blogging Tips in Bhojpuri Language), वेबसाइट बनाईं अउरी ओपर दोसरा के वेबसाइट से उठा के 'कॉपी-पेस्ट' क लीं त समझ जाईं कि आपके 'ब्लॉग-वेबसाइट' कूड़ा के भाव से अधिक कुछु नइखे. आज टेक्नोलॉजी खूब तेज हो गईल बा अउरी गूगल के हज़ारों कंप्यूटर और ओकर एल्गोरिदम तुरन्ते पकड़ ली कि उ कंटेंट कहाँ से चोरावल बा. बस राउर वेबसाइट अउरी ब्लॉग तुरन्ते ब्लैक-लिस्ट में आ जाई. फेर घंटा ना ट्रैफिक आई और आपके वेबसाइट/ ब्लॉग के 'भ्रूण-हत्या' हो जाई. अइसन में बेहद जरूरी बा कि आप 'यूनिक-कंटेंट' लिखीं, रेगुलर लिखीं ताकि पाठक के मसाला मिळत रहे, प्रजेंटेशन बढ़िया रखीं ताकि पाठक लोगन के पढ़े में 'रस' मिले. अनुशासन अउरी नियमित लेखन से आपके ब्लॉग पर जल्दिये बढ़िया ट्रैफिक आवे लागी, एमें कवनो दू राय नइखे! फेर ट्रैफिक बढ़ावे खाती सोशल मीडिया, ईमेल मार्केटिंग जइसन कइगो रास्ता बा, जेवना के विवेचना इंटरनेट पर आपके पढ़े के मिल जाई त हमहूँ कई गो लेख अलग-अलग लिखले बानी ए विषयन पर.
ब्लॉग/ वेबसाइट से कमाई: कुल सुइया एही जा आके रूक जाला, वईसे अगर रउवाँ ऊपर लिखल 'यूनिक अउरी रेगुलर कंटेंट' वाला काम क चुकल बानीं त कमाई के रास्ता खुल गइल समझीं. गूगल 'ऐडसेंस' सबसे पॉपुलर और विश्वसनीय माध्यम अपनावे लन ब्लॉगर भाई (Blogging Tips in Bhojpuri Language) लो अउरी एमें ऐडसेंस.कॉम खोल के साइनअप करे के परी आपो के अउरी अगर ऐडसेंस अप्रूव क देहलस त कमाई के श्रीगणेश हो जाई. पर आप ई उम्मीद मत पाल लीं कि एही कमाई से आपके धरम-करम चल जाई, बल्कि एकरा संगे-संगे आपके अफिलिएट मार्केटिंग (फ्लिपकार्ट.कॉम, अमेजॉन.कॉम इत्यादि) के भी सहारा लेबे के परी त जेवना विषय पर आपके ब्लॉग/ वेबसाइट बा, वईसे सम्बंधित संस्था, कंपनी इत्यादि से आपके संपर्क बढ़ावे के परी. ए स्टेज प आवत-आवत आप खुदे समझे लागब कि 'बिजनेस केतरे होला' अउरी फेर रास्ता खुलत जाई.

इसे भी पढ़िए: 'वेबसाइट' न चलने की वजह से आत्महत्या ... !!! ???

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सावधानी: एमें खाली दू-तीन गो बात के ध्यान रखे के चाहीं, जैसे कंटेंट कॉपी-पेस्ट मत करीं, रेगुलर लिखीं (रोज कम से कम 1 पोस्ट त हर हाल में जरूरी बा, दोगे-तीन गो अउरी बढ़िया...). दोसरका सावधानी बा, जल्दियाइ मत, धैर्य रखीं अउरी लागल रहीं. तीसरका, अध्ययन के विषय बा अउरी एकर कवनो दोसर विकल्प नइखे. रोज टेक्नोलॉजी चेंज होता. कब वेबसाइट से मोबाइल पर लोग आ गईलन, त कब ब्राउज़र से 'एप्प' पर लोग शिफ्ट हो गईल बाड़न, इ कुल बदलाव के आपके बूझे जाने के परी. लेकिन, लगातार प्रयत्न कइला से कवनो काम मुश्किल नइखे और अगर एगो सफल ब्लॉग (Blogging Tips in Bhojpuri Language) आप चला लिहनीं, त समझ लीं कि ई सरकारी नौकरी से बढ़ के आपके पैसा त देबे करी, नाम अउरी प्रसिद्धि एक्स्ट्रा मिली. खैर, अगिला लेख में अउरी दोसर जानकारी लेके आइब. तब तक छोटका भाई के राम-राम!

- मिथिलेश कुमार सिंहनई दिल्ली.



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