आखिर क्यों आप आर्थिक मुसीबत (Financial Disaster Reasons) में पड़ते हैं?

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आखिर वह कौन सा ऐसा व्यक्ति होगा जिसके सामने कभी ना कभी आर्थिक मुसीबत नहीं आई होगी?
पर क्या आपने कभी सोचा है कि वास्तव में यह हमारी-आपकी ही गलतियों का नतीजा होती है! अगर हम सावधान रहें और आर्थिक अनुशासन को समझ लें तो कोई कारण नहीं है कि हमारे सामने आर्थिक मुसीबत आए और अगर खुदा-ना-खास्ता ऐसी समस्या आती भी है और आपकी आर्थिक-नांव डूबती प्रतीत होती है, तो आप अपने आर्थिक अनुशासन से उसे निश्चित तौर पर मैनेज कर लेंगे.

Avoid Financial Disasters by applying these important financial methods. (Pic: Team Finance World)

इंश्योरेंस को अनदेखा करना महंगा पड़ेगा. चूंकि, पुराने समय में भारत में संयुक्त परिवार की परंपरा थी जिसमें एक दूसरे का ख्याल रखा जाता था. आप चाहे पैसे कमाते थे या नहीं कमाते थे, किंतु संयुक्त परिवार में आपको आजीविका के लिए सोचना नहीं पड़ता था. तब अगर कोई कमजोर था, अगर किसी के ऊपर कोई मुसीबत आती थी, तो भी परिवार के लोग उसके साथ खड़े रहते थे.
अब इसे अच्छा कहें या बुरा कहें, किंतु ग्लोबलाइजेशन के दौर में संयुक्त परिवार नाम मात्र के ही रह गए हैं और हर व्यक्ति अब अकेला हो गया है.

भारत न्यूक्लियर फैमिली में लगातार तब्दील होता जा रहा है. ऐसी स्थिति में आपको आने वाली मुसीबतों और उसके हल को खुद ही ढूंढना होता है और तमाम मुसीबतें अक्सर आर्थिक रूप में ही तो आती हैं!

तो क्या आपने इंश्योरेंस लिया है? 
क्या आपने हेल्थ इंसुरेंस लिया है? 
क्या आपने ज़रूरी लाइफ इंसुरेंस लिया है? 

अगर इसका जवाब ना में है, तो यकीन मानिए आप जब भी किसी मुसीबत में पड़ेंगे तब आपके सामने अंधकार ही अंधकार दिखाई देगा. इसीलिए इंश्योरेंस को किसी भी कीमत पर अनदेखा न करें. बेशक एक रोटी कम खाएं, पर जरूरी लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस को अवश्य लें, वह भी बिना किसी देरी के!

बच्चों को स्वावलंबी ना बनाना सबसे बड़ी भूल साबित होती है. आप बेशक आर्थिक अनुशासन में रहे हों और जीवन के अनुभवों से काफी कुछ आपने सीखा भी हो, लेकिन क्या आपने अपने बच्चों को भी यही शिक्षा दी है? अगर इसका जवाब हां में है तो फिर आपके सामने इस एंगल से आर्थिक समस्या नहीं आनी है और अगर इसका जवाब ना-नूकर में है तो फिर आप मुसीबत में पड़ने वाले हैं.
ध्यान इस तरफ दीजिये कि बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए आवश्यक होता है कि उन्हें इंडिपेंडेंट छोड़ा जाए. अगर हमेशा ही आप उनके बैसाखी बने रहेंगे तो वह भला किस प्रकार से जीवन की कड़वी सच्चाइयों को सीखेंगे?
ज़ाहिर तौर पर वह हमेशा ही, खासकर आर्थिक जरूरतों के लिए आपके ऊपर ही डिपेंडेंट रह जाएंगे. ऐसी स्थिति में बेहद कड़ाई से आपको उन्हें स्वावलंबी बनाना पड़ता है, अगर आप आर्थिक मुसीबत से बचना चाहते हैं और बच्चों को बचाना चाहते हैं तो!

रिटायरमेंट प्लान को अनदेखा करना बड़ी भूल है. यह सबसे अहम जरूरत है. बुढ़ापे में ना तो आपका शरीर साथ देता है और ना ही आप दिमागी रूप से ही बेहद तेज तर्रार रह पाते हैं. यह वह अवस्था होती है, जिसमें पैसा ही आपका सहारा बन सकता है. तो क्या आपने रिटायरमेंट प्लान लिया है?
अगर आपने नहीं लिया है तो 35 की उम्र के आसपास इसे अवश्य ही शुरू कर देना चाहिए.

इसके अतिरिक्त भी कई सारी चीजें हैं, जैसे लिक्विडिटी में पैसा नहीं रखना. उदाहरण के तौर पर कई लोग अपने पैसे को रियल एस्टेट, गोल्ड और दूसरी जगहों पर ज्यादा मात्रा में इन्वेस्ट कर देते हैं और उनके पास लिक्विडिटी की कमी हो जाती है. ध्यान रखिए कैश आपके पास एक निश्चित मात्रा में होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो कई बार आपको ज़रुरत के समय दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ता है.

Web Title: Avoid Financial Disasters by applying these important financial methods. Hindi Financial Article

- मिथिलेश कुमार सिंह, नई दिल्ली.




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