न्यूज एप बनवाने से पहले, जानें ये ज़रूरी बातें!

न्यूज़ पोर्टल, न्यूज वेबसाइट (News Websites) ने निश्चित रूप से मीडिया के क्षेत्र में क्रांति लाने का कार्य किया है. पहले जहां एक खबर छपवाने के लिए लोग तमाम अखबारों के चक्कर काटा करते थे, वह आसानी से तमाम न्यूज़ पोर्टल्स (News Portals) में अपनी खबरें दे सकते हैं.

Know these important things before creating a news app! (Visit: Content Inbox)


कई पुराने, रूढ़िवादी लोग न्यूज़ पोर्टल्स की क्रेडिबिलिटी (Credibility of News Portals) पर सवाल उठाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कुछ न्यूज़ पोर्टल, अखबारों पत्र-पत्रिकाओं से बेहतर क्रेडिबिलिटी मेंटेन किए हुए हैं और यह सिलसिला लगातार बेहतर होता जा रहा है. 

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वास्तव में देखा जाए तो न्यूज़ पोर्टल न केवल किसी मीडिया संस्थान के लिए, बल्कि उन रिपोर्टर्स (News Portals for Reporters) के लिए भी अमृत साबित हुआ है, उन इंटरप्रेन्योर्स के लिए भी अमृत साबित हुआ है, जो कम पूंजी में एक मीडिया कंपनी खोलना चाहते हैं. बेशक उनके पास कम पैसा क्यों न हो, लेकिन न्यूज पोर्टल्स के माध्यम से  मीडिया के बिजनेस में (News Portals for Media Business) हाथ आजमाना चाहते हैं.

अगर किसी एक व्यक्ति की भी लेखनी में, उसकी पत्रकारिता में ज़रा भी दम है और वह लगातार कार्य करने की हिम्मत रखता है तो एक सामान्य सा रिपोर्टर भी अपने पोर्टल के माध्यम से अपनी पहचान निर्मित कर सकता है.

न्यूज़ पोर्टल्स की अगली कड़ी में न्यूज़ एप्लीकेशन (News Apps Development) आते हैं, जो आपकी क्रेडिबिलिटी को एक स्टेप ऊपर ले जाता है. 

Think before News App Development, Hindi Article


न्यूज़ एप्लीकेशन बनवाना और उसे चलाना अपेक्षाकृत इतना सरल नहीं है, लेकिन अगर न्यूज़ एप्लीकेशंस में आपने अच्छे खासे सब्सक्राइबर (Getting Subscribers for News Applications) जुटा लिए तो आप अपने एडवरटाइजर को, अपने इन्वेस्टर को भरोसे में ले सकते हैं.

यहां तक कि ऑडियंस भी आप पर ख़ासा भरोसा करने लगेगी.

हालांकि न्यूज़ ऐप बनवाने की सलाह मैं तभी देता हूँ, जब आप क्रेडिबिलिटी के साथ पत्रकारिता करते हो. न्यूज ऐप बनवाने से पहले फेक न्यूज़, रियल न्यूज (Fake News vs. Real News) की पहचान आपको होनी चाहिए और यह ऐसी चीज है जो न्यूज ऐप का सब्सक्राइबर-बेस बढ़ाने में आपकी बेहतर मदद करेगी.

न्यूज ऐप में मुख्य रूप से एंड्रॉयड (Android App for News Industry) का प्रचलन ज्यादा है, लेकिन अगर आप आईफोन एप्पल के लिए भी न्यूज़ एप्लीकेशन (iOS Apps) बनवाना चाहते हैं तो उसे भी आप डिजाइन करा सकते हैं.

न्यूज ऐप से आपकी क्रेडिबिलिटी, आपकी साखप्रीमियम कस्टमर्स (Premium Apps for iPhone users) में भी बनने लगती है, जो अंततः आपको बड़ा फायदा दे सकती है. 

ध्यान रहे, मैं यह बात बार-बार रिपीट कर रहा हूं कि अगर आप क्रेडिबिलिटी के साथ न्यूज़ नहीं लिखते हैं तो न्यूज़ पोर्टल से या आपके फेसबुक पेज से एक बार कोई उस न्यूज़ को पढ़ भी लेगा, कंज्यूम कर भी लेगा, लेकिन आपका न्यूज़ एप्स अपने मोबाइल में भला क्यों इंस्टॉल करेगा?

ऐसी स्थिति में आपको सही, फैक्टफुल न्यूज़ (Factual Reporting / Journalism) लिखने पर ध्यान देना चाहिए, ओरिजिनल लिखने पर ध्यान देना चाहिए, कॉपी पेस्ट न्यूज़ से आप सब्सक्राइबर बहुत ज्यादा नहीं बना सकते. (How to get more users for your android, iphone news apps)

न्यूज एप्लीकेशंस में कई लोग नेटिव डेवलपमेंट (Native App Development) पर जाते हैं, तो कई पीडब्ल्यू ऐप (PW App Development) पर भी जाते हैं, जो आजकल खासा पॉपुलर है. ऐसे ऐप आपकी वेबसाइट से कनेक्टेड होते हैं, मतलब एक नई और बेहतर डिजाइन के साथ आपकी वेबसाइट में अपडेट की गई आपकी न्यूज़ एप्लीकेशन में भी अपडेट हो जाती है. वस्तुतः दोनों का सर्वर एक ही रहता है.

Think before News App Development, Hindi Article


बहरहाल, अगर आप न्यूज़ ऐप के लिए सोच रहे हैं, तो इसके फायदे और मेंटिनेंस (News Apps Pros and Cons) एंगल को गूगल पर सर्च कर सकते हैं. अ

गर कहीं कोई कंफ्यूजन लगती है, कुछ और डिटेल डिस्कशन करना है, तो मुझे फोन करने में, व्हाट्सएप करने में हिचकिचाएं नहीं. किसी भी समय मुझे Whatsapp करें: 9990089080

Web Title: Know these important things before creating a news app!
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- मिथिलेश कुमार सिंह, नई दिल्ली.

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