भारत की 'एमटीसीआर' में एंट्री के मायने! MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Mithilesh

*लेख के लिए नीचे स्क्रॉल करें...


अगर थोड़ी ईमानदारी से कहूं तो न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में भारत की एंट्री को लेकर भारतीय मीडिया में जिस तरह का होहल्ला हुआ, वह एक गैर-जरूरी हाइप थी. आखिर विदेश नीति में इस तरह के तमाम उतार-चढ़ाव आते हैं और अगर उन सभी मुद्दों को हम इसी तरह गैर-जरूरी चर्चा में उलझाते रहे तो मामला बनने की बजाय और बिगड़ेगा ही. एनएसजी में मेम्बरशिप के लिए हमारे प्रधानमंत्री आखिरी समय तक चीन को मनाने में लगे रहे, किन्तु अंततः चीन भारत का रास्ता रोकने के लिए 9 और देशों को समझाने में सफल रहा. हालाँकि, इस बीच चीन को भी मामले की गम्भीरता का अहसास हो गया था और उसके सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने इस पूरे मामले पर सफाई देने की कोशिश की. चीन को लेकर हमारा देश बेहद संवेदनशील रहा है और कहीं न कहीं यह बात हमारी प्रगति की राह में रूकावट भी बन जाती है. मुझे यह लिखने में कोई संकोच नहीं है कि हमारी सरकार और जनता की इसी संवेदनशीलता का चीन, पाकिस्तान और यहाँ तक की अमेरिका द्वारा फायदा उठा लिया जाता है. एनएसजी मामले में ही अगर देखें तो वैश्विक समुदाय में यह सन्देश गलत ढंग से प्रेषित हुआ कि हम अमेरिका के सहारे एनएसजी (MTCR Membership India, NSG Membership) में घुसने की कोशिश कर रहे हैं! ज़रा ध्यान से सोचिये कि ऐसी चर्चाओं से हमारी स्वाय्यत्ता पर आने वाले समय में क्या असर पड़ेगा! मैं ऐसा कहने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ कि हम अमेरिका की सहायता न लें, किन्तु इस बीच यह ध्यान रख जाना चाहिए कि उसके हाथों खेलने से हमें अवश्य ही बचना चाहिए. क्या वाकई कूटनीति अब मीडिया के सहारे होने लगी है? या फिर अमेरिका ऐसा चाहता है कि वैश्विक समुदाय में इस बात का मेसेज जाए कि अब भारत अमेरिका के पूरी तरह साथ है. चूंकि, भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि उसे बेहद संभल-संभल कर खुद को मजबूत करने की राह में आगे बढ़ना पड़ेगा, अन्यथा 'खाया पीया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना' वाली बात चरितार्थ हो जाएगी. साफ़ है कि अमेरिकी उकसावे में आकर भारत को अपनी अंतर्राष्ट्रीय संतुलन की नीति को तिलांजलि नहीं देनी चाहिए. 
इसे भी पढ़िए: पीएम के टीवी 'साक्षात्कार' से मिला स्पष्ट सन्देश!

MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, India, USA, China Flags
सरकार भी इस बात को बखूबी समझ रही है और इसीलिए वह चीन की अग्रेसिव और भारत-विरोधी नीतियों के बावजूद फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. सरकार ने एनएसजी में शामिल नहीं होने को बेहद सामान्य ढंग से लिया और चीन को समझाने की बात कही तो पत्रकारों के एमटीसीआर (MTCR Membership India, NSG Membership) में एंट्री रोककर 'चीन से बदला' लेने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के विकास स्वरुप ने साफ़ कहा कि भारत इस तरह की 'डील-मेकिंग' में विश्वास नहीं रखता है. खैर, एनएसजी में रोके जाने के बावजूद भारत की एमटीसीआर में एंट्री कम बड़ी उपलब्धि नहीं है और यह उपलब्धि इसलिए भी ख़ास हो जाती है, क्योंकि इसमें खुद चीन को भी कई कोशिशों के बावजूद एंट्री नहीं मिल सकी है. यदि आप कुछ बड़ा करने की सोच रहे हो और वह बड़ी चीज न मिलकर कुछ और मिल जाये तो निराश नहीं होकर उसको ख़ुशी-ख़ुशी अपनाना ही समझदार व्यक्तियों की निशानी है, जबकि उस पुराने 'लक्ष्य' को पाने की कोशिश भी जारी रखनी चाहिए. कहा भी गया है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. बेशक भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में सदस्यता नहीं मिली, लेकिन एक-एक करके शंघाई कॉरपोरेशन आर्गेनाईजेशन (एससीओ) और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में निर्विरोध सदस्यता हासिल हुई जो भारत को न्यूकलियर सप्लायर्स ग्रुप के और करीब लाने में मददगार होगा. 

इसे भी पढ़िए: चीन की 'आत्मघाती रणनीति' को चेतावनी! 

MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Missile Technology
ज्ञातव्य हो कि भारत की इस बड़ी सफलता के पीछे भारत का 'हेग आचार संहिता' को अपनाना हैं. बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र प्रसार के खिलाफ भारत ने ‘द हेग आचार संहिता’ को अपनाया है. 'हेग आचार संहिता’ (HCOC) की शुरुआत विनाशक हथियारों को ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 25 नवंबर, 2002 को नीदरलैंड्स के हेग में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करके किया गया और आज इसमें करीब करीब 138 देश शामिल हैं. एमटीसीआर (MTCR Membership India, NSG Membership) के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने और तीन अन्य निर्यात नियंत्रण व्यवस्था- ऑस्ट्रेलिया समूह, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह और वासेनार समझौते में भारत की सदस्यता का समर्थन किया है. भारत के लिए यह ख़ुशी की बात है कि एमटीसीआर में भारत के शामिल होने से मानवरहित अमेरिकी ड्रोन विमान के साथ उच्च प्रौद्योगिकी वाले प्रक्षेपास्त्रों को भी आसानी से ख़रीदा जा सकेगा. रूस के साथ इसके संयुक्त उपक्रम (Brahmos) का मित्र देशों के साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा. गौरतलब है कि एमटीसीआर में शामिल होने का प्रयास में इटली की थोड़ी ना-नुकर थी, लेकिन केरल तट के पास दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी मरीनों पर समझौता होने के बाद इटली ने अपना विरोध करना बंद कर लिया. थोड़ा विस्तार से बात करें तो, अप्रैल 1987 में स्थापित एमटीसीआर का उद्देश्य मिसाइलों, पूर्ण रॉकेट तंत्रों, मानवरहित वायुयानों के प्रसार को रोकना है , जिनका इस्तेमाल रासायनिक, जैविक और परमाणु हमलों के लिए किया जा सकता है. 

इसे भी पढ़िए: अमेरिका पाक सम्बन्ध एवं परमाणु अप्रसार

MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Indian Prime Minister in UNO
एमटीसीआर अपने सदस्यों से अपील करता है कि 500 किलोग्राम के पेलोड को कम से कम 300 किलोमीटर तक ले जा सकने वाली मिसाइलों और संबधित प्रौद्योगिकियों को और सामूहिक तबाही वाले किसी भी हथियार की आपूर्ति बंद करें. इसके साथ ही इसका उद्देश्य सामूहिक जनसंहार के हथियारों की आपूर्ति के लिए बनी प्रणालियों को रोकना भी है. इस संगठन के अधिकतर सदस्य देश प्रमुख मिसाइल निर्माता हैं. इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि एमटीसीआर और एससीओ में जगह बनने के बाद एनएसजी में शामिल होने का रास्ता साफ होता चला जा रहा है. इसके साथ-साथ एमटीसीआर (MTCR Membership India, NSG Membership) की सदस्यता के साथ ही भारत के लिए अमेरिका से ड्रोन तकनीक लेना सरल हो जाएगा. असल में भारत के कदम अब रूकने वाले नहीं दिखते हैं और एमटीसीआर के बाद एनएसजी के लिए इसके प्रयास तो जारी रहेंगे ही, लेकिन भारत का असल लक्ष्य यूएन सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट पर दावेदारी पक्की करना है. महत्वपूर्ण यह है कि अगर आप वैश्विक स्तर पर बड़े खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो 'शह और मात' का खेल तो चलता ही रहेगा, और इसके लिए होहल्ला करने की बजाय चुपके से सबको अपना काम करते रहना होगा. बेशक वह सरकार हो, मीडिया हो अथवा भारत की इकॉनमी को मजबूत करने में लगने वाले इंडस्ट्रियलिस्ट हों या फिर आम टैक्सपेयर!

- मिथिलेश कुमार सिंहनई दिल्ली.



यदि आपको लेख पसंद आया तो 'Follow & Like' please...





ऑनलाइन खरीददारी से पहले किसी भी सामान की 'तुलना' जरूर करें...




MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Mithilesh,
MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Drone Technology

इसे भी पढ़िए: एक बेहतरीन हिंदी न्यूज पोर्टल कैसा हो?
India , World, National Issues, PM Modi, Narendra Modi In US, MTCR, Missile Technology Control Regime, Barack Obama, Congress, Italian Marine, Narendra Modi Government, Italy, NSG, SCO, China, american senator, american drown, Ministry of External Affairs , New Delhi, Embassy of France, Netherlands , Foreign Secretary S Jaishankar , first multilateral export control regime,
MTCR Membership India, NSG Membership, Hindi Article, Obama Xinping
regimes, mtcr, uav manufacturers, export control, import and export license, export regulations, technology development in india, import and export definition, wassenaar arrangement, uav pdf, international exports, export control regulations, export control organisation, export control laws, mission ballistic review, dual use, latest technology in india, trade import, dual use goods, import export definition, export control list, stormshadow, dual use liste, export list, export and import definition, technology items, super drone, information technology and control, multilateral, usetrade, export control license, export control regimes, rpoc, multi lateral, كنترول, define export and import, international regimes, define import and export, super heron, what is control technology, wassenaar agreement, mctr, export definition economics, shadow in french, mc tr, usage of trade, indian exporters list, import control law, dual use items, definition of duel, strategic control definition, zangger committee, hague code of conduct, where's india, export a green, eu dual use list, controlled goods regulations, dual use regulation, sam missle, technology control, control list, dual use declaration, dual use list, regime wiki, سه ربوش, كونترول, high technology control,
इसे भी पढ़ें: पतंजलि के बढ़ते 'कद' से परेशान हैं कई! 
Keyword , mtcr nuclear supplier group nsg , nsg , nsg india , nuclear suppliers group , nsg commando , supplier , national security guard , nuclear power plant in india , deals india , import from china to india , nuclear reactors in india , india nuclear power , india china news , nuclear , nuclear proliferation treaty , china india , nuclear sign , nuclear non proliferation treaty , pakistan nuclear , npt , india nuclear , india and china , india a , nuclear countries , china pakistan , nsg group , nonproliferation , india china relations , black commando , china suppliers , india vs china , ind as , group of countries , china vs india , country supplies , هسته ای ,
इसे भी पढ़िएएंड्राइड ऐप का है ज़माना, आसान है बनाना!
Breaking news hindi articles, Latest News articles in Hindi, News articles on Indian Politics, Free social articles for magazines and Newspapers, Current affair hindi article, Narendra Modi par Hindi Lekh, Foreign Policy recent article, Hire a Hindi Writer, Unique content writer in Hindi, Delhi based Hindi Lekhak Patrakar, How to writer a Hindi Article, top article website, best hindi article blog, Indian blogging, Hindi Blog, Hindi website content, technical hindi content writer, Hindi author, Hindi Blogger, Top Blog in India, Hindi news portal articles, publish hindi article free

मिथिलेश  के अन्य लेखों को यहाँ 'सर्च' करें... ( More than 1000 Articles !!)

No comments

Powered by Blogger.