आईपीएल का उभरता सितारा सरफ़राज़ - New IPL Cricket star, hindi article

आईपीएल की कई स्तरों पर खिंचाई की जाती है, किन्तु इस बात के लिए इस संस्थान को तो धन्यवाद देना ही चाहिए कि इसने नए खिलाडियों की फ़ौज को तैयार किया है. पहले इस क्रिकेट की दुनिया में कुछ ही नाम सालों-साल राज करते थे, किन्तु अब सैकड़ों खिलाडियों को अपना जौहर 'टेलीविजन' पर दिखाने का मौका मिलता है तो इसके साथ-साथ मौका मिलता है एक कैरियर के रूप में खुद को सेट करने का भी. कहा जा सकता है कि आईपीएल जैसे प्रतिष्ठानों ने 'खेलोगे, कूदोगे बनोगे ख़राब' की परिभाषा को वास्तव रूप में बदलने का बीड़ा उठाया है. हमारे यहाँ हर गली, हर मोहल्ले में जितने क्रिकेट को देखना पसंद करते हैं उतने ही लोग खेलना भी पसंद करते है. इन्हीं क्रिकेटप्रेमियों में से, कीचड़ में कमल वाली बात को साबित करके निकला है एक चेहरा जो किसी पहचान का मोहताज नहीं हैं, बल्कि, ऐसे चेहरे अपनी पहचान खुद बन जाते हैं. कुछ दिन पहले बीसीसीआई की बैटिंग एकेडमी से एक खिलाडी को यह कह कर निकाल दिया गया था कि उसके अंदर अनुशासन की कमी है, लेकिन बीसीसीआई एकेडमी से निकाला गया वही खिलाडी आज क्रिकेटप्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है. आप सोच रहे होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं तो आपको बता दी देते हैं. जी हाँ, हम बात कर रहे हैं सरफराज खान की. 19 साल के सरफराज खान के करतबों को देख कर हर कोई हैरान है. क्रिकेट के खेल में अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अपनी पहचान बनना इतना आसान नहीं है,  लेकिन सरफराज के कारनामे ने इसे साबित कर दिखाया है. आईपीएल-9 में बंगलौर बनाम हैदराबाद मैच में बंगलौर की टीम पहले से ही क्रिस गेल, विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और शेन वॉटसन जैसे दिग्गजों से भरी पड़ी है, जिसने मैच में पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. इन अनुभवी खिलाड़ियों ने सोचा भी नहीं होगा कि उनके साथ एक ऐसा खिलाड़ी भी है, जो सिर्फ 10 गेंदों में ही एक जबरदस्त पारी खेलकर मैच का हीरो बन जाएगा. वाकई, यह अपने आप में अचम्भे वाली बात थी, किन्तु भारत की उस धरती से ऐसे कई अजूबे निकले हैं, जहाँ क्रिकेट को धर्म का दर्जा दिया जाता हैं. बेंगलुरू में सरफराज खान चौथे नंबर पर बैटिंग के लिए आये, तब तक टीम का स्कोर 3 विकेट पर 183 रन था जबकि सिर्फ 3 ओवर 4 गेंद का खेल और बचा था. क्रिस गेल और विराट कोहली जैसे धुरंधरों का विकेट ले चुके अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का सामना करने के लिए आये सरफराज ने अपना गोल मानो पहले ही सेट कर रखा था. गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर दिलशान और एबी डिविलियर्स या ब्रैंडन मैक्कलम जैसे आत्मविश्वास और हौंसले के साथ खेलते हुए इस नए सितारे ने बड़े-बड़े देखने लायक शॉट लगाए. सरफराज ने सिर्फ 10 गेंद में 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 35 नाबाद रन बनाए. सरफराज की सनसनी से बांग्लादेश के बाएं हाथ के गेंदबाज मुश्तफिजुर रहमान भी बच नहीं सके. आईपीएल में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी (17) के तौर पर खेलने उतरे सरफराज ने अपने दूसरे ही मैच में 21 गेंदों पर ताबड़तोड़ 45 रन बनाकर अपने कप्तान विराट कोहली को भी अपना मुरीद बना लिया था.  सरफराज के अब तक के सफर पर नज़र डालें तो, अंडर-19 टीम से सरफराज ने 33 वनडे खेले हैं, जिनमें 1080 रन बनाए हैं, जिनमें एक शतक और 11 फिफ्टी शामिल हैं. उनका बेस्ट 101 रन रहा है. उनके औसत पर नजर डालते हैं, तो उनकी महारत की कहानी आप ही बयां हो जाती है. उन्होंने यह रन 51.42 के औसत से बनाए हैं. जाहिर है, इसके लिए मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सरफराज ने-19 वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन किया है. वर्ल्डकप के अपने 6 मैचों में उन्होंने 334 बनाकर 5 अर्द्धशतक जड़े थे, जबकि एक मैच में वह 21 रन बनाकर नाबाद रहे थे. इन आंकड़ों को देखकर इस युवा खिलाडी का भविष्य निश्चित रूप से चमकदार दिखता है.

विराट ने सरफराज के खेल की न केवल तारीफ़ की, बल्कि उन्हें आने वाले समय की उम्मीद भी बता डाला. थोड़े पहले की बात करें तो, 2013 में भारत अंडर-19 मैच में द. अफ्रीका के 270 रनों के जवाब में 93 रनों पर चार विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही टीम को अकेले दम पर मैच में वापसी की ओर इस खिलाड़ी ने खींच दिखाया था. इस मैच में मैदान के चारों और शॉट्स खेल कर महज 66 गेंदो पर 101 रन बनाए थे तब सरफराज ने. जब यह प्रतिभाशाली खिलाड़ी आउट हुआ तो भारत को 14 गेंदों में केवल 19 रनों की दरकार थी. आउट होने पर पवेलियन आते वक्त पिता से हल्की डांट पड़ी थी कि, “तुम्हें आउट नहीं होना था, तुम्हें मैच जिता कर लौटना चाहिए था." जाहिर है, ऐसे खिलाड़ी से ही कोई उम्मीद भी करता है, जिसके अंदर मैच को अपने दम पर आगे ले जाने का साहस भरा हो. और सरफराज ने खुद के भीतर इस सम्भावना को सबके सामने दिखा दिया है. 27 अक्टूबर 1997 को जन्मे छोटे कद के बल्लेबाज सरफराज 12 साल की उम्र से ही अपने बल्ले से सुर्खियां बटोर रहे हैं. महज 12 साल की उम्र में हैरिस शील्ड इंटर स्कूल टूर्नामेंट में सचिन तेंदुलकर (326 नाबाद) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुआ 421 गेंदों पर 439 रन बनने के बाद जबरदस्त चर्चे में यह खिलाड़ी आ गया था. इस पारी में सरफराज ने 56 चौके और 12 छक्के लगाए थे, जिसे एक असाधारण प्रदर्शन कहा जा सकता है. आईपीएल 2015 में 50 लाख में रॉयल चैलैंजर्स बैंगलुरू के लिए इन्होंने क्रिकेट खेला था. हालाँकि, इस किशोर खिलाड़ी ने अपने कैरियर की खातिर कम संघर्ष नहीं किया है. 15 साल की उम्र में ही बीसीसीआई की बैटिंग एकेडमी से अनुशासन की कमी के चलते निकाले जाने के बाद, सरफराज को मानसिक तौर पर मजबूती दिलाने के लिए उनके पिता उन्हें मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के एक मनोवैज्ञानिक के पास ले गए थे. जाहिर है, जो मुसीबतों से डंटकर सामना न कर सके, वह योद्धा ही किस बात का! बाएं हाथ के स्पिनर इकबाल अब्दुल्ला के साथ सरफराज  ने क्रिकेट की ट्रेनिंग ली है, जो बैंगलोर टीम में उनके साथ खेल भी रहे हैं. ट्रेनिंग के दिनों में भी अब्दुल्ला और सरफराज एक साथ ही खेलते थे. सरफराज ने अपनी यादगार पारी के बाद एक इंटरव्यू में कहा कि इकबाल हमेशा मुझे चुनौतीपूर्ण लक्ष्य देता रहा है, वह मुझे हर मैच से पहले शतक लगाने को कहता है और मैं ज्यादातर मौकों पर जीतता हूं. जाहिर है एक अच्छा दोस्त और सहयोगी, निश्चित रूप से कठिन लक्ष्यों को पाने में सहायता ही देता है. हालाँकि, आने वाले समय में ऐसे प्रतिभाशाली खिलाडियों को और भी सावधानी से कदम बढ़ाना पड़ता है, क्योंकि क्रिकेट एक ग्लैमर का खेल भी है. पैसा और नाम मिलने के बाद कई खिलाडी अपने खेल को भूल जाते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी गलती होती है. हालाँकि, सरफराज और उनके पिता इस कठिन दौर से गुजर चुके हैं और इसलिए इस बात की उम्मीद बढ़ गयी है कि गावस्कर, सचिन, धोनी और विराट जैसे बेहतरीन खिलाड़ियों की कड़ी में भारत की धरती सरफराज जैसे क्रिकेटीय योद्धाओं को विकसित करती रहेगी. हालाँकि, यह शुरुआत ही है, किन्तु एक अच्छी शुरुआत मिल जाए तो फिर योद्धा पीछे कहाँ देखते हैं.
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1 comment:

  1. क्रिकेट में महारत सचिन के रिकॉर्ड को तोडना वाले सरफराज खान को बहुत बहुत बधाई . भारतीय क्रिकेट को ऐसे ही महारथी की जरूरत है . सरफराज खान ऐसे ही परफॉर्मेस देते रहे तो भविष्य में अपना नाम जरूर रौशन करेंगे

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